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विजय रूपाणी की बेटी राधिका मिश्रा ने रक्तदान शिविर और वृक्षारोपण के माध्यम से दी श्रद्धांजलि
अहमदाबाद । आज से ठीक एक वर्ष पहले, 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुई दर्दनाक विमान दुर्घटना आज भी शहर के इतिहास के एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है। एयर इंडिया की फ्लाइट एआई171, जो अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई थी, टेक-ऑफ के कुछ ही क्षणों बाद मेघाणीनगर स्थित बी. जे. मेडिकल कॉलेज की मेस बिल्डिंग पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस भयावह विमान हादसे में कुल 260 यात्रियों और क्रू सदस्यों की मौत हो गई थी। मृतकों में गुजरात के लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय विजय रूपाणी भी शामिल थे। हादसे की पहली बरसी पर पूरे राज्य में शोक और संवेदना का माहौल देखने को मिला।
बी. जे. मेडिकल कॉलेज में आयोजित हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम
दुर्घटना के एक वर्ष पूर्ण होने पर दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बी. जे. मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की पुत्री राधिका मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने पिता तथा हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
रक्तदान शिविर और वृक्षारोपण के माध्यम से दी श्रद्धांजलि
राधिका मिश्रा ने केवल पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि नहीं दी, बल्कि मानवता की सेवा के कार्यों के जरिए अपने पिता को याद किया। उनके नेतृत्व में कॉलेज परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया तथा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर भावुक हुईं राधिका मिश्रा ने कहा, आज पिताजी को हमारे बीच से गए एक वर्ष पूरा हो गया है, लेकिन वे आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। लोग आज भी उन्हें याद करते हैं, यह हमारे लिए गर्व की बात है। पिताजी का हमेशा एक ही सपना था कि गुजरात और पूरा भारत सर्वांगीण प्रगति और विकास के पथ पर आगे बढ़े। उनके मार्गदर्शन में शुरू किए गए जनकल्याण और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
प्रार्थना सभाओं और मौन रखकर दी गई श्रद्धांजलि
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मृतकों के परिजनों और नागरिकों द्वारा प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया तथा मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। लोगों ने हादसे में खोए अपने प्रियजनों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
इस दुर्घटना के बाद विमान सुरक्षा और मेडिकल कॉलेज जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हुई थी। एक वर्ष बाद भी हादसा स्थल पर मौजूद निशान उस त्रासदी की दर्दनाक यादों को ताजा कर देते हैं। सरकार और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन अपनों को खोने का दर्द आज भी उनके दिलों में उतना ही गहरा है। अहमदाबाद का यह हादसा न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐसी त्रासदी बन गया है, जिसे लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सकेगा।
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