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स्पीकर ने राहुल से पूछा ये चोट कैसे लगी

नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान विपक्षी नेता राहुल गांधी के दाहिने हाथ पर बंधी एक सफेद पट्टी चर्चा का केंद्र बन गई। जब वह सदन में भाषण देने के लिए खड़े हुए, तो सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की नजरें उनके हाथ पर टिकी रहीं। इस चोट को लेकर सदन के भीतर और बाहर काफी उत्सुकता देखी गई। यहां तक कि सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर ओम बिरला ने भी उनके भाषण के बीच में इस पट्टी और चोट के बारे में जानकारी मांगी। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी को यह चोट उनके नियमित जू-जित्सु अभ्यास के दौरान लगी है। जू-जित्सु एक जापानी मार्शल आर्ट्स और कॉम्बैट स्पोर्ट्स है, जिसका राहुल गांधी लंबे समय से अभ्यास करते आ रहे हैं। 

उनके लिए यह केवल एक शारीरिक खेल नहीं है, बल्कि उनके जीवन और विचारों का एक अभिन्न हिस्सा भी रहा है। वे पहले भी कई सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया के माध्यम से इस मार्शल आर्ट्स के प्रति अपने लगाव का जिक्र कर चुके हैं। हाथ की इस चोट के बावजूद राहुल गांधी सदन में काफी सक्रिय नजर आए। उन्होंने महिलाओं के आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी और पूरा विपक्ष महिला आरक्षण के पूर्ण समर्थन में है। हालांकि, उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस विधेयक की आड़ में देश के निर्वाचक ढांचे को बदलने की कोशिश की जा रही थी, जिसके कारण विपक्ष को इसका विरोध करना पड़ा। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री से अपील की कि यदि सरकार 2023 के महिला आरक्षण विधेयक को बिना किसी फेरबदल के आज ही लागू करने के लिए सदन में लाती है, तो पूरा विपक्ष बिना किसी शर्त के उनका साथ देगा। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी चाहती है कि महिलाओं को उनका अधिकार तुरंत मिले, लेकिन किसी भी ऐसे बदलाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा जो लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे को प्रभावित करता हो। सदन में चर्चा के दौरान हाथ में बंधी पट्टी ने न केवल शारीरिक बल्कि राजनीतिक रूप से भी सदन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

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